Navratri Kab Se Hai 2026? जानें तारीख और शुभ मुहूर्त
30 Sep 2026 News

Navratri Kab Se Hai 2026? जानें तारीख और शुभ मुहूर्त

सीधा जवाब: अगर आप जानना चाहते हैं कि नवरात्रि कब से है 2026 में, तो शारदीय नवरात्रि रविवार, 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इसी दिन आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर घटस्थापना यानी कलश स्थापना की जाएगी और मां शैलपुत्री की पूजा होगी। प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात शुरू होगी, लेकिन 11 अक्टूबर को सूर्योदय के समय प्रतिपदा होने के कारण पहला नवरात्र 11 अक्टूबर माना जाएगा। नवरात्रि के बाद मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा।

अक्टूबर में नवरात्रि कब से है 2026?

अगर आपका सवाल है कि अक्टूबर में नवरात्रि कब से है, तो जवाब है 11 अक्टूबर 2026। प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9:19 बजे शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 9:30 बजे तक रहेगी। इसलिए केवल तिथि शुरू होने की तारीख देखकर 10 अक्टूबर को पहला नवरात्र नहीं माना जाएगा। उदया तिथि के आधार पर 11 अक्टूबर नवरात्रि का पहला दिन है।

एक नजर में शारदीय नवरात्रि 2026 की प्रमुख तारीखें

पर्व/तिथि

तारीख

महत्वपूर्ण समय

प्रतिपदा शुरू

10 अक्टूबर

रात 9:19 बजे

शारदीय नवरात्रि आरंभ

11 अक्टूबर, रविवार

उदया तिथि

घटस्थापना

11 अक्टूबर

सुबह 6:19–10:12 बजे*

अष्टमी तिथि

18–19 अक्टूबर

19 अक्टूबर सुबह 10:51 बजे तक

नवमी तिथि

19–20 अक्टूबर

20 अक्टूबर दोपहर 12:50 बजे तक

विजयादशमी/दशहरा

20 अक्टूबर, मंगलवार

—


* घटस्थापना का समय नई दिल्ली के संदर्भ में है। शहर के अनुसार मुहूर्त बदल सकता है।

2026 में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार 11 अक्टूबर 2026 को घटस्थापना का मुख्य मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक है। इसके अलावा अभिजित मुहूर्त 11:44 बजे से 12:31 बजे तक रहेगा।

  • मुख्य घटस्थापना मुहूर्त: 6:19 AM–10:12 AM

  • अभिजित मुहूर्त: 11:44 AM–12:31 PM

  • स्थान: नई दिल्ली

दिल्ली से अलग शहर में समय स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा बदल सकता है।

घटस्थापना से शुरू होगी नवरात्रि की पूजा

घटस्थापना नवरात्रि की पूजा का प्रारंभ मानी जाती है। पूजा स्थान साफ करके माता की चौकी लगाई जाती है। मिट्टी के पात्र में जौ बोए जाते हैं और जल से भरा कलश रखा जाता है। कलश पर मौली बांधकर पत्तियां और नारियल रखा जाता है। इसके बाद दीप जलाकर मां शैलपुत्री की पूजा और आरती की जाती है। परिवार की परंपरा के अनुसार विधि में थोड़ा अंतर हो सकता है।

नवरात्रि 2026 में 9 देवी कौन-कौन सी हैं?

नवदुर्गा का पारंपरिक क्रम है। शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री।

2026 में अंतिम दिनों की तिथियां अलग हैं, क्योंकि सप्तमी दो सूर्योदय तक रहती है और 19 अक्टूबर को नवमी शुरू होती है।

नवरात्रि दिन

तारीख

देवी का स्वरूप

पहला

11 अक्टूबर, रविवार

घटस्थापना, मां शैलपुत्री

दूसरा

12 अक्टूबर, सोमवार

मां ब्रह्मचारिणी

तीसरा

13 अक्टूबर, मंगलवार

मां चंद्रघंटा

चौथा

14 अक्टूबर, बुधवार

मां कूष्मांडा

पांचवां

15 अक्टूबर, गुरुवार

मां स्कंदमाता

छठा

16 अक्टूबर, शुक्रवार

मां कात्यायनी

सातवां

17 अक्टूबर, शनिवार

मां कालरात्रि, सरस्वती पूजा

आठवां

18 अक्टूबर, रविवार

सप्तमी तिथि जारी

नौवां

19 अक्टूबर, सोमवार

दुर्गा अष्टमी, मां महागौरी, संधि पूजा, महा नवमी

दसवां

20 अक्टूबर, मंगलवार

नवमी हवन, नवरात्रि पारण, दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी


महत्वपूर्ण नोट: 18 अक्टूबर को सप्तमी तिथि सूर्योदय पर रहने के कारण वह दिन भी सप्तमी से जुड़ा है। इसलिए कुछ कैलेंडर 18 अक्टूबर को आठवां दिन दिखाते हैं, जबकि तिथि-आधारित पंचांग 19 अक्टूबर को महागौरी यानी अष्टमी और उसी दिन नवमी के आरंभ को दिखाते हैं। पूजा के लिए अपने स्थानीय पंचांग और पारिवारिक परंपरा को प्राथमिकता दें।

2026 में अष्टमी और नवमी की तारीख को लेकर भ्रम क्यों है?

2026 में नवरात्रि की सबसे महत्वपूर्ण बात यही है। अष्टमी और नवमी का तिथि-परिवर्तन 19 अक्टूबर को होता है।

नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार:

  • अष्टमी तिथि शुरू: 18 अक्टूबर, सुबह 8:27 बजे।

  • अष्टमी तिथि समाप्त: 19 अक्टूबर, सुबह 10:51 बजे।

  • नवमी तिथि शुरू: 19 अक्टूबर, सुबह 10:51 बजे।

  • नवमी तिथि समाप्त: 20 अक्टूबर, दोपहर 12:50 बजे।

इसलिए 19 अक्टूबर 2026 की सुबह अष्टमी रहती है और 10:51 बजे के बाद नवमी शुरू होती है। उत्तर भारत की कई पंचांग गणनाओं में दोनों का प्रमुख महत्व 19 अक्टूबर को है।

अष्टमी और नवमी के संधिकाल में संधि पूजा की जाती है। नई दिल्ली संदर्भ में 19 अक्टूबर को इसका समय लगभग 10:27 AM से 11:15 AM है। स्थानीय शहर के अनुसार समय बदल सकता है। इसलिए पूजा का समय तय करते समय तिथि और स्थानीय पंचांग देखें।

कन्या पूजन कब करें?

कन्या पूजन सामान्यतः अष्टमी या नवमी के दिन किया जाता है। 2026 में 19 अक्टूबर प्रमुख दिन रहेगा, लेकिन परिवार की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार अंतर हो सकता है।

कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर पैर धोए जाते हैं, तिलक लगाया जाता है और हलवा, पूरी व काले चने का प्रसाद दिया जाता है। अंत में श्रद्धानुसार दक्षिणा या उपहार दिया जाता है।

घर पर कलश स्थापना की सरल विधि

  1. पूजा स्थान को साफ करें।

  2. माता की चौकी स्थापित करें।

  3. मिट्टी के पात्र में जौ बोएं।

  4. जल से भरा कलश रखें।

  5. कलश पर मौली बांधें।

  6. पत्तियां और नारियल रखें।

  7. दीपक जलाएं।

  8. संकल्प लेकर मां शैलपुत्री की पूजा और आरती करें।

पूजा की विधि में क्षेत्र और परिवार की परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पूजा सामग्री क्या रखें?

कलश, नारियल, जौ, मिट्टी, माता की चुनरी, मौली, रोली, कुमकुम, अक्षत, सुपारी, फूल, फल, घी, दीपक, धूप और मिठाई तैयार रखें। अखंड ज्योति, दुर्गा सप्तशती पाठ या हवन की परंपरा हो तो उसकी सामग्री भी रखें।

नवरात्रि व्रत में क्या खाएं?

व्रत में फल, दूध, दही, सूखे मेवे, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े का आटा, आलू और सेंधा नमक लिया जाता है। व्रत के नियम परिवार और परंपरा के अनुसार अलग हो सकते हैं।

चैत्र और शारदीय नवरात्रि में क्या अंतर है?

चैत्र नवरात्रि

शारदीय नवरात्रि

मार्च–अप्रैल के आसपास

सितंबर–अक्टूबर के आसपास

चैत्र मास

आश्विन मास

राम नवमी के आसपास समापन

विजयादशमी/दशहरा के साथ पर्व-क्रम आगे बढ़ता है

दोनों नवरात्रि मां दुर्गा की आराधना से जुड़े हैं, लेकिन उनका पंचांग समय अलग होता है।

भारत के अलग-अलग हिस्सों में नवरात्रि

गुजरात में गरबा-डांडिया, पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा, उत्तर भारत में जागरण-कन्या पूजन और दक्षिण भारत में गोलू जैसी परंपराएं नवरात्रि की क्षेत्रीय विविधता दिखाती हैं।

विजयादशमी के साथ होगा नवरात्रि का समापन

20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। इस दिन दशमी तिथि शुरू होती है और नवरात्रि के बाद विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है। नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे शुरू होगी।

विजयादशमी को श्रीराम की रावण पर विजय और मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय से जोड़ा जाता है। इसे बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न1. 2026 में नवरात्रि कब से है?

उत्तर. शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार से होगी। इसी दिन घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा होगी।

प्रश्न2. अक्टूबर में नवरात्रि कब से है?

उत्तर. अक्टूबर 2026 में शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होगी। प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात शुरू होती है, लेकिन उदया तिथि के आधार पर पहला नवरात्र 11 अक्टूबर है।

प्रश्न3. नवरात्रि कब से शुरू है 2026 में?

उत्तर. पहला नवरात्र 11 अक्टूबर 2026 को है और इस दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी।

प्रश्न4. 2026 में कलश स्थापना कब होगी?

उत्तर. कलश स्थापना 11 अक्टूबर 2026 को होगी। नई दिल्ली में मुख्य घटस्थापना मुहूर्त सुबह 6:19 से 10:12 बजे तक है।

प्रश्न5. महाअष्टमी 2026 कब है?

उत्तर. नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार महाअष्टमी 19 अक्टूबर 2026 को है। अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर सुबह 8:27 बजे शुरू होकर 19 अक्टूबर सुबह 10:51 बजे समाप्त होती है।

प्रश्न6. महानवमी 2026 कब है?

उत्तर. उत्तर भारत की पंचांग गणना में महानवमी 19 अक्टूबर 2026 को मानी जाती है। नवमी तिथि 19 अक्टूबर सुबह 10:51 बजे शुरू होकर 20 अक्टूबर दोपहर 12:50 बजे तक रहती है। बंगाल की दुर्गा पूजा परंपरा में नवमी 20 अक्टूबर को रखी जाती है।

प्रश्न7. दशहरा 2026 कब है?

उत्तर. विजयादशमी यानी दशहरा 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा।

निष्कर्ष

अगर आप सोच रहे हैं नवरात्रि कब से है 2026 में, तो शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू होगी। इसी दिन घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा होगी। इस साल 19 अक्टूबर को अष्टमी तिथि सुबह 10:51 बजे तक रहेगी और इसके बाद नवमी शुरू होगी। अष्टमी-नवमी से जुड़े अनुष्ठानों के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना बेहतर है। इसके बाद 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। इसलिए नवरात्रि कब से है 2026 का सीधा जवाब है। 11 अक्टूबर से, जबकि दशहरे का पर्व 20 अक्टूबर को होगा।

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